अमीर और मिडिल क्लास फैमली में अंतर |

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अमीर घर के बच्चे और आम घर के बच्चे में बहुत अंतर है |

                         
 
अमीर अपने बच्चों को क्या सिखाते हैं वहीं आम लोग अपने बच्चे को क्या सिखाते हैं। इसमें बहुत बड़ा डिफरेंस है। 
जो अपने अंदर बदलाव चाहते हैं, जो कुछ सीखना चाहते हैं| कुछ सीखने में यकीन करते हैं|
जो यह जानते हैं कि हमें हमेशा सीखते रहना होगा।
जो लोग हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहते हैं, वह हमेशा जीते रहते हैं। जिस दिन सीखना बंद कर देते है, उस दिन वे खत्म हो जाते।
 
अमीर अपने बच्चे को नीचे दी गई चीजों को सीखते हैं।

 

  • अमीर अपने बच्चे को वैसे चीज नहीं सिखाते जिसका दुनिया से कोई लेना देना नहीं है
अमीर उन चीजों पर अपना वक्त नहीं बर्बाद करते हैं जिसका अक्सर दुनिया से कोई लेना देना नहीं है। एक आम इंसान यह करता है कि उसका बच्चा अच्छी से अच्छी डिग्री ले और उसके लिए आम इंसान अपनी जिंदगी की कमाई अपने बच्चे की पढ़ाई में खर्च करता है। लेकिन आज की दुनिया में यह लाखों की डिग्री से एक नॉर्मल जॉब ही दिला पाती है। लेकिन अभी भी हम वहीं पढ़ रहे हैं जो 15 साल पहले पढ़ा करते थे जबकि असल दुनिया में टेस्ट बुक का बहुत कम इस्तेमाल है।
अमीर अपने बच्चे को यह सिखाते हैं कि अपना समय उन चीजों में लगाएं जिसकी जरूरत आज दुनिया को है। 
 
"आप हमेशा अपने माइंड सेट में यह रखो कि दुनिया आपको उसी समय याद करेगी जब आप उसके काम आओगे। आपका स्किल ही मैटर करता है। डिग्री बहुत ही कम मैटर करता।"
 
  • बगैर काम किए हुए कोई भी इंसान किसी चीज का हकदार नहीं बनता।
आपने कई लोगों के मुंह से यह सुना होगा कि इसने इतना पैसा कमा लिया है कि 7th जेनरेशन आराम से बैठकर या कोई काम किए बगैर लग्जरियस लाइफ बिता सकता है। आप यह याद रखो कि पैसा, पावर और पोजीशन ज्यादा दिन तक बरकरार नहीं रहता। अगर आपके पास कोई काबिलियत नहीं है तो आपका पैसा, पावर और पोजीशन एक ही पल में खत्म हो जाये गए। अगर आपके पास काबिलियत है तो आप जीरो से हीरो बन जाएंगे। 
आपने देखा होगा कि एक आम  इंसान अपने बच्चों के लिए पैसे जुड़ते रहते हैं। वही एक अमीर इंसान अपने बच्चों को स्किल सिखाते हैं। अपने बच्चे को बोलते हैं कि मेरे पैसे से तुम्हें थोड़ा बहुत फायदा मिल सकता है पर कामयाबी नहीं मिल सकता।
 
उदाहरण  के तौर पर देखे मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी मुकेश अंबानी का नाम टॉप रिचेस्ट पर्सन में आता है जबकि अनिल अंबानी कर्ज में डूबे हुए हैं।
 
  • लोगों के बीच अपने नेटवर्क को बनाना।
मिडिल क्लास के पेरेंट्स अपने बच्चे पर बहुत सारा रिस्ट्रिक्शन लगाते हैं। जैसे, तुम्हें यह करना है और यह नहीं करना है जबकि एक अमीर इंसान अपने बच्चों पर बहुत ही कम रिस्ट्रिक्शन लगाते हैं। लगभग ना के बराबर। रिस्ट्रिक्शन ना लगाने के वजह से उसका बाहरी दुनिया से कनेक्शन बढ़ता है। नई-नई चीजें देखता और उसे सीखता है। आप यह नोटिस करेंगे कि जिसका बेहेवियर अच्छा होता है, उनसे बहुत लोग कनेक्ट होते हैं। सभी लोग ज्यादा अटेंशन देते हैं। इन्हीं सब चीजों की वजह से अमीर घर का बच्चा आगे चलकर अपने क्लाइंट के साथ एक अच्छा  रिलेशन बनता है और अपने बिजनेस को सक्सेस कर पाता है। 
 
  • पैसा कैसे काम करता है?
आपको यह एक आम बात लगेगा, लेकिन आपने बहुत से ऐसे लोग देखे होंगे जिन्हें यह नहीं पता होता कि उनकी सैलरी डिसाइड कैसे होती है। वे अपने टैक्स को कैसे कम करे। यही चीज एक आम इंसान और एक अमीर इंसान को एक दूसरे से अलग करती है।
एक आम फैमिली का बच्चा यह सोचता है कि अगर मेरी किस्मत अच्छी होती तो मैं भी ज्यादा पैसे कमा लेता, लेकिन एक अमीर घर का बच्चा यह नहीं सोचता। बल्कि वह यह सोचता है कि उसने जो स्किल सीखा है, उससे पैसे कैसे कमाना है। वह अपने किस्मत के भरोसे नहीं रहता है। वे छोटी सी उम्र में समझ जाते हैं कि पैसे कमाना और उसे खर्च करने से ज्यादा मुश्किल है। इसीलिए वे अपने ज्यादातर पैसे खर्च करने के बजाय वे कहीं पर इन्वेस्ट करना सही समझते हैं जबकि आम घर में यह नहीं होता। वह पैसे के बारे में अपने घरवालों से तभी सुनते हैं। जब उनके घर में पैसे की कमी होती है और यह पैसे की कमी बच्चों के ऊपर नकारात्मक सोच बना देती है और नकारात्मक सोच से कोइ भी सक्सेस नहीं हो पाता। 
 
  • बहुत ही जल्दी किसी रिजल्ट का इंतजार मत करो। दुनिया में कोई जादू नहीं होता।
आम लोग अमीर लोग को यह देखकर यह सोचते हैं कि उसका किस्मत बहुत अच्छा है। इसीलिए सक्सेस है, लेकिन वह उसकी कड़ी मेहनत को नहीं देखते। वह तो बस सोचते हैं। जिस अमीर ने अपना सफर गरीबी से अमीरी तक किया। वह असली सच्चाई जानता है और वह अच्छी तरह जानता है कि इस दुनिया में कोई जादू नहीं होता। एक आम इंसान बहुत ही नजदीक का सोचता है और एक अमीर इंसान बहुत दूर का सोचता है। अमीर अपने बच्चे को कोई जादुई चीज नहीं सिखाते हैं। वह तो बस स्किल और स्मार्ट वर्क करना सिखाते।
 
आपने यह देखा होगा कि आम इंसान अपने बच्चों को यह सिखाते हैं कि अपने खर्च को कम रखो पर अमीर इंसान के घर के बच्चे अपने पेरेंट्स से यह नहीं सीखते है। वो ये नहीं सीखते है कि अपने खर्च को कम रखना है, बल्कि यह सीखते हैं कि अपनी इनकम को कैसे बढ़ाना है। 
आप थोड़ा सोचिए कि आप कितने पैसे बचा लेते हैं और इसी पैसे को बचाने के चक्कर में आप कितनी  सारी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं। 
इसीलिए लाखों कमाने का लक्ष्य रखो या इससे भी ज्यादा। यह याद रखो जितनी मेहनत से आप सिक्के को बचाते हैं, उतनी ही मेहनत से आप एक नई स्किल सीख कर लाखों या उससे करोड़ों कमा सकते हैं। यहा सिर्फ आपके थॉट पर डिपेंड करता है। अगर आप अपनी थॉट को बदलने में कामयाब हो जाते हैं तो कोई भी चीज आप प्राइस टैग देखने से ज्यादा उसे खरीदना पसंद करेंगे। 
 
  • पैसे से ज्यादा कीमती हमारा स्किल और नॉलेज है।
अमीर लोग पैसे से ज्यादा अहमियत स्किल और नॉलेज को देते हैं। इसीलिए भी अपने स्किल और नॉलेज को बढ़ाते हैं। यह जॉब और बिजनेस दोनों जगह अप्लाई होती है। अगर आप इस जॉब में अच्छा परफॉर्मेंस देते हो तो आपकी सैलरी और पोजीशन बढ़ेगी। वहीं आप एक अच्छा बिजनेस मैन है तो आप अपनी स्किल से अपने प्रोडक्ट को बेहतर बनाएंगे जिससे  लोगों का आप के ऊपर ट्रस्ट बढ़ेगा और प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा रुपये मे खरीदने के लिए तैयार हो जाएगे। 
 
  • ऐसेट और लायबिलिटी में अन्तर। 
एक आम इंसान हमेशा लायबिलिटी पर खर्च करता है जबकि अमीर इंसान हमेशा ऐसेट  पर पैसे खर्च करता है 
 
लायबिलिटी - लायबिलिटी वह चीज है जिसके इस्तेमाल के लिए हमें पैसे देने पड़ते हैं, जैसे कार, घर।
 
ऐसेट - ऐसेट वह चीज है जिसमें पैसे इन्वेस्ट करने के कुछ साल के बाद हमें पैसे मिलते हैं। जैसे रेंट लगाने के लिए खरीदा गया घर एक ऐसेट है। 
 
एक आम इंसान एक आलीशान घर खरीदते सिर्फ अपने लिए एक गाड़ी खरीदना है सिर्फ अपने लिए। 
अब आप यह सोचेंगे कि एक अमीर इंसान भी तो यह कहता है। "हां एक अमीर इंसान यह खरीदता है पर इस चीज के लिए पैसे वह अपने ऐसेट से निकलता है।"
 
  • अच्छी आदतें ही इंसान को अमीर बनाती। 
अगर आप चाहते हैं कि हेल्थी रहे तो एक या दो दिन हाइजीन फूड खाने से कुछ नहीं होगा। आपको हाइजीन खाना खाने की आदत डालना पड़ेगा। ठीक इसी तरह अमीर इंसान जानता है कि उसे सक्सेस करना है तो हार्ड वर्क और स्मार्ट वर्क की आदत आदत डालने पड़ेगी।
 
"excellence is not an act, It is habit - Aristotle"
 
 
 
you all guys are amazing.
keep reading and keep learning.
thanks 
 smile

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